Meri gudiya raani bol,
kyun gumsum ho muh toh khol।
saji dhaji dulhan si pyaari,
jaise chanda ki ujiyaari,
sava laakh ke jevar tan pe,
sundarta teri anmol,
meri gudiya raani bol,
q gumsum ho muh toh khol
Tuesday, July 14, 2009
Wednesday, May 13, 2009
हमसफ़र
क्यूं कहते हो मेरे साथ कुछ भी बेहतर नही होता
सच ये है के जैसा चाहो वैसा नही होता
कोई सह लेता है कोई कह लेता है
क्यूँकी ग़म कभी ज़िंदगी से बढ़ कर नही होटा
आज अपनो ने ही सीखा दिया हमे
यहाँ ठोकर देने वाला हैर पत्थर नही होता
क्यूं ज़िंदगी की मुश्क़िलो से हारे बैठे हो
इसके बिना कोई मंज़िल, कोई सफ़र नही होता
कोई तेरे साथ नही है तो भी ग़म ना कर
ख़ुद से बढ़ कर कोई दुनिया में हमसफ़र नही होता
सच ये है के जैसा चाहो वैसा नही होता
कोई सह लेता है कोई कह लेता है
क्यूँकी ग़म कभी ज़िंदगी से बढ़ कर नही होटा
आज अपनो ने ही सीखा दिया हमे
यहाँ ठोकर देने वाला हैर पत्थर नही होता
क्यूं ज़िंदगी की मुश्क़िलो से हारे बैठे हो
इसके बिना कोई मंज़िल, कोई सफ़र नही होता
कोई तेरे साथ नही है तो भी ग़म ना कर
ख़ुद से बढ़ कर कोई दुनिया में हमसफ़र नही होता
Monday, May 11, 2009
जिन्दगी
मैं दो कदम चलता और एक पल को रुकता मगर.....इस एक पल जिन्दगी मुझसे चार कदम आगे बढ जाती ।मैं फिर दो कदम चलता और एक पल को रुकता और....जिन्दगी फिर मुझसे चार कदम आगे बढ जाती ।युँ ही जिन्दगी को जीतता देख मैं मुस्कुराता और....जिन्दगी मेरी मुस्कुराहट पर हैंरान होती ।ये सिलसिला यहीं चलता रहता.....फिर एक दिन मुझे हंसता देख एक सितारे ने पुछा.........." तुम हार कर भी मुस्कुराते हो ! क्या तुम्हें दुख नहीं होता हार का ? "तब मैंनें कहा................मुझे पता हैं एक ऐसी सरहद आयेगी जहाँ से आगेजिन्दगी चार कदम तो क्या एक कदम भी आगे ना बढ पायेगी,तब जिन्दगी मेरा इन्तज़ार करेगी और मैं......तब भी युँ ही चलता रुकता अपनी रफ्तार से अपनी धुन मैं वहाँ पहुँगा.......एक पल रुक कर, जिन्दगी को देख कर मुस्कुराउगा..........बीते सफर को एक नज़र देख अपने कदम फिर बढाँउगा।ठीक उसी पल मैं जिन्दगी से जीत जाउगा.........मैं अपनी हार पर भी मुस्कुराता था और अपनी जीत पर भी......मगर जिन्दगी अपनी जीत पर भी ना मुस्कुरा पाई थी --
Friday, May 8, 2009
एक दोस्त
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,तुम कह देना कोई ख़ास नहीं ।
एक दोस्त है कच्चा पक्का सा ,एक झूठ है आधा सच्चा सा ।
जज़्बात को ढके एक पर्दा बस ,एक बहाना है अच्छा अच्छा सा .
जीवन का एक ऐसा साथी है ,जो दूर हो के पास नहीं ।
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,तुम कह देना कोई ख़ास नहीं .
हवा का एक सुहाना झोंका है ,कभी नाज़ुक तो कभी तुफानो सा ।
शक्ल देख कर जो नज़रें झुका ले ,कभी अपना तो कभी बेगानों सा .
जिंदगी का एक ऐसा हमसफ़र ,जो समंदर है , पर दिल को प्यास नहीं ।
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,तुम कह देना कोई ख़ास नहीं .
एक साथी जो अनकही कुछ बातें कह जाता है ,यादों में जिसका एक धुंधला चेहरा रह जाता है ।
यूँ तो उसके न होने का कुछ गम नहीं ,पर कभी - कभी आँखों से आंसू बन के बह जाता है ।
यूँ रहता तो मेरे तसव्वुर में है ,पर इन आँखों को उसकी तलाश नहीं .
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,तुम कह देना कोई ख़ास नहीं
एक दोस्त है कच्चा पक्का सा ,एक झूठ है आधा सच्चा सा ।
जज़्बात को ढके एक पर्दा बस ,एक बहाना है अच्छा अच्छा सा .
जीवन का एक ऐसा साथी है ,जो दूर हो के पास नहीं ।
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,तुम कह देना कोई ख़ास नहीं .
हवा का एक सुहाना झोंका है ,कभी नाज़ुक तो कभी तुफानो सा ।
शक्ल देख कर जो नज़रें झुका ले ,कभी अपना तो कभी बेगानों सा .
जिंदगी का एक ऐसा हमसफ़र ,जो समंदर है , पर दिल को प्यास नहीं ।
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,तुम कह देना कोई ख़ास नहीं .
एक साथी जो अनकही कुछ बातें कह जाता है ,यादों में जिसका एक धुंधला चेहरा रह जाता है ।
यूँ तो उसके न होने का कुछ गम नहीं ,पर कभी - कभी आँखों से आंसू बन के बह जाता है ।
यूँ रहता तो मेरे तसव्वुर में है ,पर इन आँखों को उसकी तलाश नहीं .
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,तुम कह देना कोई ख़ास नहीं
Friday, November 7, 2008
Written by Sonia
देखी ना कोई......... तेरे जैसी.....
देखा है सारा जहाँ .........
वो एक नन्ही सी परी
न जाने कितनी मिठास है उसकी बातों में ......!
कितनी मासूम है वो ,
जैसे बचपन समाया हो अभी भी उसमें.......!
रंग दूधिया, छवि उसकी सुहानी धुप हो जैसे
चंचलता नदी के बहते पानी जैसी है उसमें .....!
अब कुछ कर गुजरना चाहती है वो
नील गगन में पंछी बनकर उड़ने की तमन्ना है उसमें ....!
कितनी sweet-sweet, प्याली - प्याली, सोनी - सोनी
milky - choclati, कमाल की ये परी
देखा है सारा जहाँ .........
वो एक नन्ही सी परी
न जाने कितनी मिठास है उसकी बातों में ......!
कितनी मासूम है वो ,
जैसे बचपन समाया हो अभी भी उसमें.......!
रंग दूधिया, छवि उसकी सुहानी धुप हो जैसे
चंचलता नदी के बहते पानी जैसी है उसमें .....!
अब कुछ कर गुजरना चाहती है वो
नील गगन में पंछी बनकर उड़ने की तमन्ना है उसमें ....!
कितनी sweet-sweet, प्याली - प्याली, सोनी - सोनी
milky - choclati, कमाल की ये परी
Written by Neha
hey tuktuk.
...........wat to say abt u.
......as u r known to evryone.......m so glad to write testi for u......u r a lil bunch of happiness.
.......always smiling.......hey m ur first frnd....
when i saw u at first time.....it felt like tat u r my niece.....n hmm u call me didi ..tats okk too
......love u.
......i have no words for u......tuktuk
....ur mom dad loves u a lot.....see papa have made orcut acct for u in such small age..
j i think u were just of 4months....u r so lucky....ur smile always gives me smile..n whenever i felt bad...n open my acct n just to see ur smiling face ...all my sadness had gone at tat time..u r fav of evryone......n m ur fan.
..... u r so lucky.....baby .i pray for u ..for ur bright future....
......n plz plz dont stop shaitaani......
....n ur morning msg....
u never forget to scrap morning msg.tats ...so sweet shonaa...now in nxt testi
okk ..love u.tc tuktuk
n dont forget me
ur di
neha
...........wat to say abt u.
......as u r known to evryone.......m so glad to write testi for u......u r a lil bunch of happiness.
.......always smiling.......hey m ur first frnd....
when i saw u at first time.....it felt like tat u r my niece.....n hmm u call me didi ..tats okk too
......love u.
......i have no words for u......tuktuk
....ur mom dad loves u a lot.....see papa have made orcut acct for u in such small age..
j i think u were just of 4months....u r so lucky....ur smile always gives me smile..n whenever i felt bad...n open my acct n just to see ur smiling face ...all my sadness had gone at tat time..u r fav of evryone......n m ur fan.
..... u r so lucky.....baby .i pray for u ..for ur bright future....
......n plz plz dont stop shaitaani......
....n ur morning msg....
u never forget to scrap morning msg.tats ...so sweet shonaa...now in nxt testi
okk ..love u.tc tuktuk
n dont forget me
ur di
neha
Written by Alok
प्रिय टुकटुक
सदैव प्रसन्न रहो और अपने सभी अपनों को प्रसन्न रखो
सदैव ही किसी के हर्ष का कारण बनो
आपने तो हमारे बारे मे जो दृष्टिकोण रखा हुआ है
उतना तो हम भी स्वयं के बारे मे नहीं जानते थे
चलिए आपको हम जैसे भी लगे उसके लिए आपको प्यार भरा धन्यवाद
आपको हमेशा गर्व होना चाहिए अपने माता पिता एवं अपने गुरुजनों पर जिन्होंने आपको ऐसी शिक्षा और संस्कार दिए है
हमारा तो सदा से ही यही प्रयास रहता है कि हम किसी के काम आ सके
और रही साथ कि बात तो जहा तक हमारी सामर्थ्य है हम संबंधों को प्रगाढ़ ही बनाये रखने का प्रयत्न करते है तो आप हमारी तरफ से निश्चिंत रहे
और आपसे मिलकर हमें ऐसा लगा कि यदि इस धरती पर दंभ (घमंड) और द्वेष (ego) कि भावना नहीं होती तो यह कितनी सुन्दर होती अतः आप सदैव ही इनदोनों से बचे रहने का प्रयास करना
निरंतर प्रगति करो
और अपनों के शान का कारण बनो
इश्वर सदैव आपका मार्ग प्रशस्त करे
सदैव प्रसन्न रहो और अपने सभी अपनों को प्रसन्न रखो
सदैव ही किसी के हर्ष का कारण बनो
आपने तो हमारे बारे मे जो दृष्टिकोण रखा हुआ है
उतना तो हम भी स्वयं के बारे मे नहीं जानते थे
चलिए आपको हम जैसे भी लगे उसके लिए आपको प्यार भरा धन्यवाद
आपको हमेशा गर्व होना चाहिए अपने माता पिता एवं अपने गुरुजनों पर जिन्होंने आपको ऐसी शिक्षा और संस्कार दिए है
हमारा तो सदा से ही यही प्रयास रहता है कि हम किसी के काम आ सके
और रही साथ कि बात तो जहा तक हमारी सामर्थ्य है हम संबंधों को प्रगाढ़ ही बनाये रखने का प्रयत्न करते है तो आप हमारी तरफ से निश्चिंत रहे
और आपसे मिलकर हमें ऐसा लगा कि यदि इस धरती पर दंभ (घमंड) और द्वेष (ego) कि भावना नहीं होती तो यह कितनी सुन्दर होती अतः आप सदैव ही इनदोनों से बचे रहने का प्रयास करना
निरंतर प्रगति करो
और अपनों के शान का कारण बनो
इश्वर सदैव आपका मार्ग प्रशस्त करे
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